google-site-verification=BEacfjlqFrUo6PH0WZ0lJ_tA-ze7NzJHUt8M4RiHyt8 फ्री बिज़नेस आईडिया and Free earn kare: June 2019

Saturday, June 15, 2019

दो महीने का फार्मिंग कोर्स करके लाखो कमाये


Freeearncompany में आपका स्वागत है आज हम फार्मिंंग से पैसे कमाने के बारे में बात करेंगे


मध्यप्रदेश मुरैना जिले के रहने वाले लखन सिंह सेमिल ने   बीएससी करने के बाद वो सरकारी विभाग में संविदा पर 8 हजार रुपए की नौकरी करने लगे। नौकरी के दौरान उन्होंने देखा कि किसानों की खेती करने की तकनीक सही नहीं है औऱ इससे पानी की बर्बादी ज्यादा हो रही है। पानी की बचत और खेती की लागत कम करने के लिए उन्होंने सरकार की मदद ली औऱ ट्रेनिंग से मिली सीख से अपना खुद का बिजनेस शुरू किया।
 


सरकार दे रही है ट्रेनिंग
किसानों की समस्याओं को दूर करने और एग्रीकल्चर में रोजगार के नए अवसर पैदा कर बेरोजगारी कम करने के लिए सरकार लोगों को ट्रेनिंग देती है। इसके अलावा सरकार ने खेती को एक करियर के रूप में बनाने के लिए अनेक शॉर्ट टर्म कोर्स शुरू करने के साथ एग्री प्रोडक्ट्स का बिजनेस करने के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। एग्री क्लिनिक एग्री बिजनेस सेंटर से ट्रेनिंग लेने वाले शख्स को बिजनेस शुरू करने लिए बैंक से आसानी से लोन मिल जाता है।
 

प्रोटेक्टेड कल्टिवेशन का मिला कॉन्सेप्ट
लखन ने कहा कि उन्हें प्रोटेक्टेड कल्टिवेशन का कॉन्सेप्ट बहुत अच्छा लगा। इसलिए उन्होंने सरकार द्वारा कराई जा रही ट्रेनिंग में भाग लिया औऱ वहां पॉलीहाउस कल्टिवेशन ट्रेनिंग कोर्स पूरा किया। पॉलीहाउस तकनीक खेती से दोगुने से भी ज्यादा प्रॉफिट मिलता है।

क्या है पॉलीहाउस खेती
यह जैविक खेती का ही हिस्सा है। पॉलीहाउस में स्टील, लकड़ी, बांस या एल्युमीनियम की फ्रेम का स्ट्रक्चर बनाया जाता है। खेती वाली जमीन को घर जैसे आकर में पारदर्शी पॉलीमर से ढक दिया जाता है। पॉलीहाउस के अंदर न बाहर की हवा जा सकती है न पानी। इस कारण कीड़े-मकोड़े का असर नहीं होता। तापमान भी जरूरत के मुताबिक कम-ज्यादा किया जाता है। इस तरह मौसम पर निर्भरता पूरी तरह खत्म हो जाती है। कीटनाशक, खाद, सिंचाई ये सभी काम पॉलीहाउस के अंदर होते हैं। जो जितना जरूरी हो उतना ही डाला जाता है। सबकुछ नपा-तुला मिलने के कारण यह भी तय हो जाता है कि किस तारीख को कितनी फसल मिलेगी।I


4 करोड़ है कंपनी का टर्नओवर

ट्रेनिंग पूरी होने के बाद वो किसानों को पॉलीहाउस तकनीक के फायदे के बारे में किसानों को बताया। अब वो खुद पॉलीहाउस कंसल्टेंसी का काम कर रहे हैं। किसानों की कॉल पर वो पॉलीहाउस डिजाइन कर खुद स्थापित करते हैं। एक एकड़ में पॉलीहाउस लगाने में 1.25 लाख रुपए का खर्च बैठता है। जिस पर किसानों को सरकार से 50 से 60 फीसदी तक सब्सिडी मिलती है। किसानों के जागरूक होने से उनका बिजनेस बढ़ रहा है जिसकी वजह से उनकी कंपनी का टर्नओवर सालान 4 करोड़ रुपए हो गया है।

सालाना कर रहे 40 लाख की कमाई

लखन का कहना है कि पॉलीहाउस में टमाटर, गोभी, कैप्सिकम, चेरी टमाटर, घेरकीन आदि की खेती पूरे साल की जा सकती है। उनके मुताबिक, सालाना टर्न ओवर पर 10 फीसदी का प्रॉफिट हो जाता है। यानी वो साल में 40 लाख रुपए की कमाई कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने अपने यहां 15 से 20 लोगों को रोजगार भी दे रखा है।

Affiliate marketing के बारे में पूरी जानकारी

Affiliate marketing sikhe



नमस्कार, freeearncompany में आपका स्वागत है इस पोस्ट में हम Affiliate Marketing के बारे में जानेंगे। वैसे तो online अपने ब्लॉग से पैसे कमाने के बहुत सारे तरीके है। जैसे कि  Advertising, Services provide करना, किसी चीज़ को बेचना आदि। पर आज जिस तरीके की बात हम करने जा रहें है वह सबसे अधिक कमाई का बढ़िया जरिया माना जाता है। उस तरीके का नाम है Affiliate Marketing।
इस पोस्ट में हम इन चीज़ों को cover करेंगे:-
  • Affiliate Marketing क्या है ?
  • Affiliate Marketing कैसे काम करती है ?
  • Affiliate Marketing से सम्बंधित definitions.
  • Affiliate Marketing से सम्बंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रशन (Frequently Asked Questions)
तो चलिए एक-एक करके इन सब को विस्तार से समझते हैं।

Affiliate Marketing क्या है ? (एफिलिएट मार्केटिंग)

Affiliate Marketing, marketing का एक ऐसा तरीका है, जिसमे कोई व्यक्ति अपने किसी source, जैसे कि ब्लॉग या वेबसाइट के द्वारा, किसी अन्य कंपनी या organization के products को प्रमोट करता है या recommend करता है। इसके बदले में वह कंपनी या आर्गेनाईजेशन उस व्यक्ति को कुछ commission देती है। अलग-अलग products के हिसाब से अलग-अलग commission होती है। यह commission sale का कुछ प्रतिशत हिस्सा भी हो सकती है या कुछ निश्चित राशी भी। यह products कुछ भी हो सकते हैं, web hosting से लेकर कपड़ों या electronics तक।

Affiliate Marketing कैसे काम करती है ?

जो company या organization अपने products प्रमोट करना चाहती है, वह अपना Affiliate Program offer करती है। अब कोई अन्य व्यक्ति जैसे कोई ब्लॉग या वेबसाइट owner उस program को  join करता है, तो company या organization उसे अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर उनके प्रोडक्ट्स प्रमोट करने के लिए कोई बैनर या लिंक आदि देती है। अब अगले कदम में वह व्यक्ति अपने blog या website पर उस लिंक या बैनर को अलग-अलग प्रकार से लगता है। अब उस वयक्ति के ब्लॉग या वेबसाइट पर बहुत से visitors आते हैं। जब कोई visitor उस लिंक या बैनर पर click करके affiliate program offer करने वाली कंपनी या organization की वेबसाइट पर पहुँचता है और कोई चीज़ खरीदता है या किसी service के लिए sign up करता है तो उसके बदले में वह कंपनी या organization उसे commission देती है।

Affiliate Marketing से सम्बंधित definitions.

इस topic को deeply समझने के लिए इन definitions को जानिए।
  • Affiliates: Affiliates उन्हें कहा जाता है जो व्यक्ति किसी Affiliate program को join करके, उनके products को अपने sources जैसे की blog या website पर promote करते हैं।
  • Affiliate Marketplace: कुछ ऐसी companies है जो अलग-अलग विषयों में Affiliate Programs offer करती हैं, उन्हें Affiliate Marketplace कहा जाता है।
  • Affiliate ID: Affiliate Programs के द्वारा हर एक Affiliate को एक unique ID दी जाती है, जो Sales me जानकारियां जुटाने में help करती है।
  • Affiliate link: हर एक Affiliate को अलग-अलग products की प्रमोशन के लिए कुछ links provide किये जाते हैं, जिन पर click करके Visitors किसी अन्य website पर पहुँचते हैं, जहाँ वह कोई प्रोडक्ट खरीद सकते है। इन links के द्वारा ही Affiliate program वाले सेल्स को track करते है।
  • Commission: वह राशि (Amount), जो Affiliate को प्रत्येक sale के हिसाब से प्रदान की जाती है। यह sale का कुछ percent हो सकती है या पहले से निश्चित कोई राशि।
  • Link Clocking: जादातर Affiliate links लंबे और दिखने में अजीब से लगते है। ऐसे links को URL shortners का प्रयोग करके छोटा करना।
  • Affiliate मैनेजर: कुछ Affiliate programs के द्वारा Affiliates की मदद के लिए और उन्हें सुझाव (टिप्स) देने के लिए कुछ व्यक्ति नियुक्त किये जाते है, वे Affiliate मेनेजर कहलाते हैं।
  • Payment Mode: इसका अर्थ है की वह माध्यम (medium) जिसके द्वारा आपको आपकी commission दी जायेगी। अलग-अलग Affiliates अलग-अलग modes offer करते हैं। जैसे कि cheque, wire transfer, PayPal इत्यादि।
  • Payment Threshold: वह न्यूनतम (minimum) राशि जिसे जब आप earn कर लेंगे तो आपको आपकी बनती payment की जायेगी। अलग-अलग programs की payment threshold राशि अलग-अलग होती है।

Affiliate Marketing से सम्बंधित अक्सर पूछे जाने वाले प्रशन (Frequently Asked Questions)

तो चलिए Affiliate Marketing के बारे में इतना सब जान लेने के बाद कुछ ऐसे प्रशनों के उत्तर जानते है जो अक्सर आपके मन में Affiliate Marketing के विषय में आ सकते हैं।
क्या एक ही  या वेबसाइट पर Affiliate Marketing और Ad Networks जैसे कि Adsense को use किया जा सकता है ?
जी हाँ, Affiliate Marketing और Ad Networks को एक साथ use किया जा सकता है। कई लोगो के लिए Affiliate Marketing ad networks के मुकाबले, कमाई का बढ़िया source है।
क्या Affiliate Marketing के लिए ब्लॉग या वेबसाइट होना जरूरी है ?
जरूरी तो नहीं हैं, परंतु फिर भी Affiliate Marketing से पैसे कमाने का सबसे बढ़िय source, ब्लॉग या वेबसाइट है।
Affiliate Marketing से जुड़ने के लिए क्या कोई खास course इत्यादि करना पड़ता है ?
जी नहीं, आपको बस इस के सम्बन्ध में कुछ चीज़ों की knowledge होनी चाहिए। Yadi appko English ati hain, to aap yeh complete eBook kharid sakte hain.
कौन-कौन सी companies या organizations Affiliate programs offer करती है ?
देखये हर कोई company या organization Affiliate programs offer नहीं करती। आपको यह पता लगाना होगा की कौन सी companies या organizations यह programs offer करती है।
तो कैसे पता लगाएं की कौन-कौन सी companies या organizations यह programs offer करती है ?
Google Search कब काम आएगी, simply उस कंपनी का नाम ‘Affiliate’ word के साथ सर्च करें। इस प्रकार आप जान पाएंगे की वह कंपनी Affiliate Program offer करती है के नहीं। वैसे भी Internet पर ढेरों blogs हैं, जहाँ आप पता कर सकते है कि कौन सी companies या organizations यह program offer करती है और even की आप उनके बारें में full reviews पढ़ सकते हैं।